सालो के प्रयास के बाद आया है,
दिन ये आज बहुत खास आया है।
स्वणॅ अक्षरो मे अब से भारत का नाम होगा,
विक्रम ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा जो फरहाया है।
हर हिन्दुस्तानी की आंखे आज खुशी से नम होंगी,
दुनियाभर मे ISRO की तरककी ने शोर जो मचाया है।
पिछलीबार बेशक टूटी थी हिंमत,
पर इसबार दोगुनी चमक के साथ वैज्ञानिकोने भारत के नाम को चमकाया है।
चांद को भी पडे मालूम जरा ,
उनके आशियाने पर कोई हिन्दुस्तानी आया है।