मैं थोडा चुप क्या रही,

आपने तो रिश्ते में प्रेम की परिभाषा ही बदल दी।

शक की एक चिन्नगारी कया जली,

आपने तो भरी बारिश मैं भी दिल को गलतफेमी की छत्री लगा ली।